
मोगा (लोकसेवा24) : पंजाब के किसानों के लिए सिंचाई को लेकर सबसे बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब सरकार ने राज्य के हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा के भल्लूर में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि वर्ष 2026 के अंत तक 7000 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना और भूजल पर निर्भरता को कम करना है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में सरकार 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन और खालों का निर्माण कर चुकी है। यह दूरी कनाडा से मोगा तक की दूरी के बराबर है। इन पाइपलाइनों के माध्यम से अब तक 21,000 क्यूसेक नहरी पानी छोड़ा जा चुका है।
भूजल स्तर में हुआ सुधार
सरकार ने जल संरक्षण के लिए नहरों और नदियों के किनारे वाटर रिचार्ज पॉइंट विकसित करने की योजना भी बनाई है। मुख्यमंत्री के अनुसार इन प्रयासों से कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बेहतर हुआ है। टिकाऊ जल प्रबंधन सरकार की कृषि नीति का अहम हिस्सा है।
पिछली सरकारों पर निशाना
सीएम मान ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले नहरी पानी केवल प्रभावशाली और रसूखदार लोगों के खेतों तक ही सीमित था। आम किसान इससे वंचित रहता था। वर्तमान सरकार ने लगभग 80 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया है और शेष 20 प्रतिशत क्षेत्रों को भी जल्द जोड़ा जाएगा।
फिरोजपुर और मोगा के किसानों को विशेष लाभ
इस योजना का सबसे अधिक लाभ फिरोजपुर, मोगा, फाजिल्का और मुक्तसर जैसे नहरी क्षेत्र से दूर वाले जिलों के किसानों को मिलेगा, जहाँ अब तक किसान महंगे डीजल और बिजली से ट्यूबवेल चलाने को मजबूर थे।
सरकार का दावा है कि इस योजना से खेती की लागत कम होगी और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।


